रोज़ की रसोई के लिए आलू-टमाटर की सब्ज़ी

रोज़ की रसोई के लिए आलू-टमाटर की सब्ज़ी

जब घर में रोटी तैयार हो और साथ में ऐसी सब्ज़ी चाहिए जो चावल के साथ भी चले, तब आलू-टमाटर का यह रूप काम आता है। इसमें टमाटर को मसालों के साथ अच्छी तरह पकाकर ग्रेवी का आधार बनाया जाता है; आलू अंत में डालने से वे गलकर पूरी कड़ाही को गाढ़ा नहीं करते। नीचे दिया माप तीन-चार लोगों के भोजन के लिए है।

सामग्री और आलू की तैयारी

तीन मध्यम आलू उबालकर छीलें और बड़े टुकड़ों में काटें। तीन पके टमाटर बारीक काटें, साथ में एक छोटा कटा प्याज़ और एक छोटा चम्मच कसा हुआ अदरक रखें। दो बड़े चम्मच तेल, आधा छोटा चम्मच जीरा, एक-चौथाई छोटा चम्मच हल्दी, एक छोटा चम्मच धनिया पाउडर, स्वादानुसार लाल मिर्च और नमक लें; अंत में थोड़ा गरम मसाला और हरा धनिया डालेंगे।

मसालों से बनाएं आधार

कड़ाही में तेल गरम करें और जीरा चटकने पर प्याज़ डालें। उसे मध्यम आँच पर हल्का सुनहरा होने तक पकाएँ, फिर अदरक मिलाकर आधा मिनट चलाएँ। टमाटर, हल्दी, धनिया पाउडर, लाल मिर्च और नमक डालकर पकाएँ; बीच-बीच में चलाते रहें, जब तक टमाटर गलकर मसाला गाढ़ा न हो जाए और किनारों पर तेल न दिखने लगे।

ग्रेवी को मनचाहा रखें

अब आलू डालकर मसाले में धीरे से मिलाएँ, ताकि टुकड़े साबुत रहें। गाढ़ी सब्ज़ी के लिए आधा कप गरम पानी डालें; चावल के साथ थोड़ी पतली चाहिए तो पानी थोड़ा और बढ़ाएँ। ढककर धीमी आँच पर पाँच-सात मिनट पकाएँ, फिर एक आलू को चम्मच से हल्का दबाकर देखें कि मसाला उसके अंदर तक पहुँचा है या नहीं।

परोसने से पहले का स्वाद

आँच बंद करने से पहले गरम मसाला और कटा हरा धनिया मिलाएँ, फिर नमक और ग्रेवी का गाढ़ापन जाँच लें। इसे गरम रोटी, पराठे या सादे चावल के साथ परोसें; साथ में सादा दही हो तो मसालेदार ग्रेवी का स्वाद संतुलित रहता है। टमाटर कम खट्टे हों तो अतिरिक्त खटास डालने की ज़रूरत नहीं—पहले पकाकर चखें, फिर स्वाद के अनुसार तय करें।