सुबह पोहा बनाते समय एक छोटी-सी गलती पूरी कड़ाही का रूप बदल सकती है: चपटे चावल पानी में ज़्यादा देर पड़े रहें तो वे टूटकर चिपकने लगते हैं। इस विधि में पोहा बस जल्दी से धोया जाता है और छलनी में नरम होने के लिए रखा जाता है। दो लोगों के नाश्ते के लिए माप और पकाने का क्रम यहाँ साफ़ रखा है।
सामग्री पहले नाप लें
दो लोगों के लिए दो कप मध्यम मोटाई का पोहा, एक छोटा कटा प्याज़, दो बड़े चम्मच मूँगफली और एक हरी मिर्च लें। तड़के के लिए एक बड़ा चम्मच तेल, आधा छोटा चम्मच राई, आठ-दस करी पत्ते और एक-चौथाई छोटा चम्मच हल्दी रखें। स्वाद के लिए नमक, आधा नींबू और ऊपर से डालने के लिए कटा हरा धनिया चाहिए।
पोहा सही तरह नरम करें
पोहा छलनी में डालकर नल के नीचे जल्दी से धोएँ और पानी पूरी तरह निकलने दें; उसे कटोरे में पानी भरकर न भिगोएँ। ऊपर से थोड़ा नमक और हल्दी छिड़ककर हल्के हाथ से मिलाएँ, फिर पाँच मिनट छोड़ दें। एक दाना उँगलियों के बीच दबाने पर नरम लगे, लेकिन आकार बनाए रखे—तभी वह कड़ाही में डालने के लिए तैयार है।
तड़के में पकाने का क्रम
कड़ाही में तेल गरम करके मूँगफली को धीमी-मध्यम आँच पर कुरकुरा भूनें और निकालकर अलग रखें। उसी तेल में राई चटकाएँ, फिर करी पत्ते और हरी मिर्च डालें; प्याज़ डालकर पारदर्शी होने तक पकाएँ। पोहा डालकर नीचे से ऊपर की ओर धीरे मिलाएँ और ढककर धीमी आँच पर दो-तीन मिनट गरम करें, ताकि दाने टूटें नहीं।
नींबू आखिर में डालें
आँच बंद करने के बाद नींबू का रस और भुनी मूँगफली मिलाएँ, फिर स्वाद जाँचकर नमक ठीक करें। हरे धनिए के साथ तुरंत परोसें; देर तक ढककर रखने पर पोहा भाप से ज़्यादा नरम हो सकता है। अगली बार रसोई में आज़माते हुए बस यह बात याद रखें: जल्दी धोना, पूरा पानी निकालना और हल्के हाथ से मिलाना।

